The one thing to know:
प्रकाश संश्लेषण वह जादुई प्रक्रिया है जिससे पौधे सूरज की रोशनी का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं और हमारे लिए ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
- 1पौधे सूरज की रोशनी, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके अपना भोजन (चीनी) बनाते हैं।
- 2इस प्रक्रिया से ऑक्सीजन निकलती है, जो हमारे साँस लेने के लिए ज़रूरी है।
- 3यह पृथ्वी पर लगभग सभी जीवन के लिए ऊर्जा का आधार है।
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कल्पना कीजिए कि पौधे छोटे रसोईघर हैं। सूरज की रोशनी उनकी ऊर्जा है, पानी और हवा से कार्बन डाइऑक्साइड उनके सामग्री हैं, और क्लोरोफिल वह खास शेफ है जो इन सबको मिलाकर स्वादिष्ट भोजन (चीनी) बनाता है। इस प्रक्रिया में, वे हमारे लिए ताज़ी हवा (ऑक्सीजन) भी बनाते हैं, जैसे खाना बनाते समय अच्छी खुशबू आती है।

Key idea: प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिससे पौधे सूरज की रोशनी का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि पेड़ पौधे अपना भोजन कैसे बनाते हैं? वे हमारी तरह दुकान से खाना नहीं खरीदते। दरअसल, वे एक अद्भुत प्रक्रिया का उपयोग करते हैं जिसे कहते हैं। यह प्रक्रिया पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह न केवल पौधों को जीवित रखती है, बल्कि हमें साँस लेने के लिए ऑक्सीजन भी देती है।
Key idea: प्रकाश संश्लेषण के लिए सूरज की रोशनी, पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और क्लोरोफिल ज़रूरी हैं, जो मिलकर चीनी और ऑक्सीजन बनाते हैं।
प्रकाश संश्लेषण में पौधे सूरज की रोशनी की ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। वे हवा से गैस और ज़मीन से पानी लेते हैं। फिर, अपनी पत्तियों में मौजूद एक हरे रंग के पदार्थ, जिसे कहते हैं, की मदद से वे इन चीज़ों को चीनी (जो उनका भोजन है) और ऑक्सीजन में बदल देते हैं।
यह ठीक वैसे ही है जैसे कोई जादूगर अपनी छड़ी (क्लोरोफिल) से कुछ साधारण चीज़ों (पानी और कार्बन डाइऑक्साइड) को एक नई और उपयोगी चीज़ (भोजन और ऑक्सीजन) में बदल देता है।
इस पूरी प्रक्रिया को एक आसान समीकरण से समझा जा सकता है।
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प्रकाश संश्लेषण के लिए कौन सी तीन मुख्य चीज़ें ज़रूरी हैं?
Key idea: प्रकाश संश्लेषण में ऑक्सीजन पानी से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं, और क्लोरोफिल एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
आइए देखें कि यह रासायनिक रूप से कैसे काम करता है।
इस समीकरण में, 6 कार्बन डाइऑक्साइड के अणु और 12 पानी के अणु, सूरज की रोशनी और क्लोरोफिल की उपस्थिति में, एक ग्लूकोज (चीनी) का अणु, 6 ऑक्सीजन के अणु और 6 पानी के अणु बनाते हैं।
यहां यह समझना ज़रूरी है कि क्लोरोफिल इस प्रक्रिया में खुद इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि यह एक उत्प्रेरक की तरह काम करता है, जो प्रक्रिया को होने में मदद करता है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि निकलने वाली ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड से आती है। लेकिन यह एक गलतफहमी है। वास्तव में, प्रकाश संश्लेषण में जो ऑक्सीजन निकलती है, वह पानी के अणुओं से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं।
“प्रकाश संश्लेषण में जो ऑक्सीजन निकलती है, वह पानी के अणुओं से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं।”
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प्रकाश संश्लेषण में जो ऑक्सीजन निकलती है, वह कहाँ से आती है?
Key idea: प्रकाश संश्लेषण सूरज की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलता है और उसे पौधों के भोजन में जमा करता है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
प्रकाश संश्लेषण सिर्फ भोजन बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को पकड़ने का भी एक तरीका है। पौधे सूरज की को रासायनिक ऊर्जा में बदल देते हैं और इसे ग्लूकोज के अणुओं में जमा कर लेते हैं।
यह ऊर्जा इतनी ज़्यादा होती है कि पौधे हर साल लगभग 100 टेरावाट सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदल देते हैं। यह पूरी मानव सभ्यता के एक साल के ऊर्जा खर्च से भी 7 गुना ज़्यादा है! यह ऊर्जा ग्लूकोज में 'स्थितिज ऊर्जा' के रूप में जमा रहती है, जिसका मतलब है कि यह इस्तेमाल होने के लिए तैयार है।
इसी कारण प्रकाश संश्लेषण को 'ऊर्जा बंधन की क्रिया' भी कहते हैं। इस तरह, प्रकाश संश्लेषण करने वाले जीव हर साल लगभग 10,000,000,000 टन कार्बन को जैविक पदार्थों में बदल देते हैं।
“प्रकाश संश्लेषण को 'ऊर्जा बंधन की क्रिया' भी कहते हैं।”
Key idea: प्रकाश संश्लेषण दो चरणों में होता है: प्रकाश अभिक्रिया (जो ऊर्जा बनाती है और ऑक्सीजन छोड़ती है) और अंधेरी अभिक्रिया (जो उस ऊर्जा का उपयोग करके भोजन बनाती है)।
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में होती है: और ।
प्रकाश अभिक्रिया में, जैसा कि नाम से पता चलता है, प्रकाश की ज़रूरत होती है। इस चरण में, क्लोरोफिल सूरज की रोशनी को सोखता है और पानी के अणुओं को तोड़ता है। इससे ऑक्सीजन निकलती है और ऊर्जा के छोटे पैकेट बनते हैं जिन्हें एटीपी (ATP) और एनएडीपीएच (NADPH) कहते हैं। ये ऊर्जा पैकेट अंधेरी अभिक्रिया के लिए ईंधन का काम करते हैं।
अंधेरी अभिक्रिया को प्रकाश की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन यह प्रकाश अभिक्रिया से बनी ऊर्जा का उपयोग करती है। इस चरण में, पौधे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और एटीपी व एनएडीपीएच की मदद से इसे चीनी में बदल देते हैं। इसे भी कहते हैं।
तो, प्रकाश अभिक्रिया एक तरह से ऊर्जा इकट्ठा करने का काम करती है, और अंधेरी अभिक्रिया उस ऊर्जा का उपयोग करके भोजन बनाती है।
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प्रकाश संश्लेषण के दो मुख्य चरण कौन से हैं?
Key idea: प्रकाश संश्लेषण हमें भोजन, ऑक्सीजन प्रदान करता है और पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे यह पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रकाश संश्लेषण सिर्फ पौधों के लिए ही नहीं, बल्कि हम इंसानों और सभी जानवरों के लिए भी बहुत ज़रूरी है।
सबसे पहले, यह हमें देता है। हम जो फल, सब्ज़ियां और अनाज खाते हैं, वे सब पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण से बनते हैं। यहां तक कि जो जानवर हम खाते हैं, वे भी पौधों को खाकर बड़े होते हैं।
दूसरा, यह हमें देता है। हम सभी को साँस लेने के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है, और प्रकाश संश्लेषण ही वह प्रक्रिया है जो लगातार वायुमंडल में ऑक्सीजन छोड़ती रहती है।
तीसरा, यह को साफ रखता है। पौधे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं, जो एक ग्रीनहाउस गैस है, और इस तरह जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करते हैं।
Why does this matter?
- यह हमें वह सारा भोजन देता है जो हम खाते हैं, चाहे वह सीधे पौधों से हो या उन जानवरों से जो पौधों को खाते हैं।
- यह हमें साँस लेने के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिसके बिना हम जीवित नहीं रह सकते।
- यह हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाकर पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है।
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1 / 10प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किस अणु से आती है?
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- 1सूर्य ऊर्जा का उपयोग
- 2कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का रूपांतरण
- 3क्लोरोफिल की भूमिका
- 4भोजन और ऑक्सीजन का उत्पादन
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