The one thing to know:
हमारा सौर मंडल सूरज और उन सभी चीजों से मिलकर बना है जो गुरुत्वाकर्षण के कारण उसके चारों ओर घूमती हैं.
- 1सौर मंडल में सूरज और उसके चारों ओर घूमने वाले ग्रह, बौने ग्रह, चंद्रमा और अन्य छोटी चीजें शामिल हैं.
- 2सूरज सौर मंडल के केंद्र में है और इसका 99.86% द्रव्यमान बनाता है, जो इसे बहुत बड़ा और शक्तिशाली बनाता है.
- 3सौर मंडल में आठ मुख्य ग्रह हैं, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है: चट्टानी ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) और गैसीय ग्रह (बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण).
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कल्पना कीजिए कि सौर मंडल एक बड़ा परिवार है. सूरज परिवार का मुखिया है, जो सबसे बड़ा और सबसे मजबूत है. ग्रह उसके बच्चे हैं, जो उसके चारों ओर घूमते हैं, और चंद्रमा उनके पालतू जानवर हैं, जो ग्रहों के चारों ओर घूमते हैं.

Key idea: सौर मंडल सूरज और गुरुत्वाकर्षण से बंधी सभी खगोलीय वस्तुओं का एक विशाल परिवार है.
हमारा सूरज और उन सभी खगोलीय वस्तुओं से मिलकर बना है जो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं. इसमें ग्रह, बौने ग्रह, प्राकृतिक उपग्रह (चंद्रमा), क्षुद्रग्रह, उल्कापिंड और धूमकेतु जैसी चीजें शामिल हैं.
हमारा सूरज और उसके चारों ओर घूमने वाली इन सभी चीजों को मिलाकर हमारा सौर मंडल बनता है. इसमें आठ मुख्य ग्रह, उनके 172 ज्ञात चंद्रमा, पांच बौने ग्रह और अरबों छोटे पिंड हैं.
“हमारा सौर मंडल सूरज और उन सभी खगोलीय वस्तुओं से मिलकर बना है जो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं.”
Key idea: सौर मंडल की हमारी समझ समय के साथ विकसित हुई है, पहले पृथ्वी को केंद्र माना जाता था और बाद में सूरज को.
हजारों सालों तक, लोगों को सौर मंडल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. बाइबिल के समय में, लोग मानते थे कि पृथ्वी ब्रह्मांड का केंद्र है और बाकी सब कुछ उसके चारों ओर घूमता है.
लगभग 140 ईस्वी में, क्लाउडियस टॉलेमी ने भी यही बात कही थी कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में है. लेकिन 1530 में, ने बताया कि सूरज ब्रह्मांड के केंद्र में है और सभी ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं. यह एक बहुत बड़ा बदलाव था, जिसने हमारी समझ को बदल दिया.
“कॉपरनिकस ने 1530 में बताया कि सूरज ब्रह्मांड के केंद्र में है और सभी ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं.”
Key idea: सौर मंडल में सूरज केंद्र में है, जिसके चारों ओर ग्रह, चंद्रमा और अन्य पिंड एक निश्चित संरचना में घूमते हैं.
सौर मंडल के केंद्र में हमारा है. इसके चारों ओर ग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतु घूमते हैं. सबसे बाहरी सीमा पर वरुण ग्रह है. वरुण से भी आगे यम (प्लूटो) जैसे बौने ग्रह और धूमकेतु पाए जाते हैं.
ज्यादातर ग्रहों के अपने खुद के चंद्रमा होते हैं. कुछ ग्रहों के चारों ओर छल्ले भी होते हैं, जो छोटे कणों से बने होते हैं. उदाहरण के लिए, शनि ग्रह के सुंदर छल्ले हैं.
सौर मंडल के अधिकांश बड़े चंद्रमा अपने मूल ग्रह की ओर हमेशा एक ही चेहरा रखते हैं, जैसे हमारा चंद्रमा पृथ्वी की ओर हमेशा एक ही चेहरा रखता है.
Key idea: सूरज सौर मंडल का विशाल, ऊर्जा का स्रोत है, जो परमाणु विलय से प्रकाश और गर्मी पैदा करता है.
सूरज हमारे सौर मंडल के केंद्र में स्थित एक 'जी श्रेणी' का तारा है. पृथ्वी और सौर मंडल की बाकी सभी चीजें इसके चारों ओर घूमती हैं.
सूरज हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है. इसका द्रव्यमान पूरे सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99.86% है. इसका व्यास लगभग 13 लाख 90 हजार किलोमीटर है, जो पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है.
सूरज मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है. यह अपने केंद्र में की प्रक्रिया से ऊर्जा पैदा करता है, जिससे हमें गर्मी और प्रकाश मिलता है.
सूरज से निकलने वाली ऊर्जा का बहुत छोटा हिस्सा ही पृथ्वी तक पहुंचता है. इस ऊर्जा का कुछ हिस्सा अंतरिक्ष में वापस चला जाता है, कुछ पानी को भाप बनाने में मदद करता है, और बाकी पेड़ पौधे और समुद्र सोख लेते हैं.
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सौर मंडल का केंद्र क्या है और यह सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का कितना प्रतिशत बनाता है?
Key idea: सौर वायु सूरज से निकलने वाले कणों की एक धारा है जो सौर मंडल के चारों ओर एक सुरक्षात्मक बुलबुला बनाती है.
सूरज से लगातार आवेशित कणों की एक धारा निकलती रहती है, जिसे कहते हैं. यह सौर वायु सौर मंडल के चारों ओर एक बड़ा बुलबुला बनाती है, जिसे हीलियोस्फीयर कहते हैं.
हीलियोस्फीयर के अंदर की सभी चीजें सूरज से निकली हुई हैं. सौर वायु में मुख्य रूप से बहुत ऊर्जावान इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन होते हैं, जिनकी ऊर्जा इतनी ज्यादा होती है कि वे सूरज के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाते हैं.
यह सौर वायु सूरज से हर दिशा में सैकड़ों किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से बहती है. जब यह सौर वायु खगोलीय माध्यम (अंतरिक्ष में मौजूद हाइड्रोजन और हीलियम गैस) से टकराती है, तो इसकी गति धीमी हो जाती है.
इस धीमी होने की प्रक्रिया में कुछ चरण होते हैं. 'टर्मिनेशन शॉक' वह जगह है जहां सौर वायु सुपरसोनिक गति से सबसोनिक गति में आती है. इसके बाद 'हीलियोसीथ' बनता है, जो धूमकेतु की पूंछ जैसा दिखता है. हीलियोसीथ की बाहरी सीमा को 'हीलियोपॉज' कहते हैं, जहां हीलियोस्फीयर खगोलीय माध्यम से मिलता है.
Key idea: ग्रह और चंद्रमा गैस और धूल के बादलों से गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव और टकराव से बनते हैं.
ग्रहों के मंडल उसी तरह बनते हैं जैसे तारे बनते हैं. जब अंतरिक्ष में गैस और धूल का एक बादल गुरुत्वाकर्षण के कारण सिकुड़ने लगता है, तो वह एक तारे के चारों ओर एक 'आदिग्रह चक्र' बनाता है.
पहले अणु मिलकर धूल के कण बनाते हैं, फिर कण मिलकर छोटे डले बनाते हैं. गुरुत्वाकर्षण के लगातार खिंचाव से, ये डले आपस में टकराते और जुड़ते रहते हैं, जिससे मलबे के बड़े टुकड़े बनते हैं.
समय के साथ, ये टुकड़े ग्रह, उपग्रह और अन्य वस्तुओं का रूप ले लेते हैं. जो वस्तुएं बड़ी होती हैं, उनका गुरुत्वाकर्षण मजबूत होता है और वे गोल आकार ले लेती हैं.
कभी-कभी, ये ग्रह और उपग्रह आपस में टकरा भी जाते हैं. माना जाता है कि हमारी पृथ्वी से मंगल ग्रह जितनी बड़ी वस्तु टकराई थी, जिससे पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर अंतरिक्ष में चला गया और धीरे-धीरे जुड़कर हमारा बन गया.
Key idea: स्थलीय ग्रह चट्टानी सतह वाले होते हैं और सूरज के करीब होते हैं.
सौर मंडल में आठ मुख्य ग्रह हैं, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है: स्थलीय ग्रह और गैसीय ग्रह. स्थलीय ग्रह वे हैं जिनकी सतह चट्टानी होती है, जैसे पृथ्वी.
सूर्य से दूरी के क्रम में चार स्थलीय ग्रह हैं: बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल.
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सौर मंडल में कितने मुख्य ग्रह हैं और उन्हें किन दो मुख्य समूहों में बांटा गया है?
Key idea: बुध सूरज के सबसे करीब और सबसे छोटा ग्रह है, जहां तापमान में बहुत बड़ा अंतर होता है.
सूरज के सबसे करीब और आकार में सबसे छोटा ग्रह है (यम को अब बौना ग्रह माना जाता है). यह सूरज का एक चक्कर 88 दिनों में पूरा करता है.
यह लोहे और जस्ते से बना है. बुध पर दिन बहुत गर्म और रातें बहुत बर्फीली होती हैं. इसका तापमान दिन में 427 डिग्री सेल्सियस और रात में -173 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो सभी ग्रहों में सबसे बड़ा तापमान अंतर है. इसका कोई चंद्रमा नहीं है.
Key idea: शुक्र सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है और आकार में पृथ्वी जैसा है.
सूरज से दूसरा ग्रह है और सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है. इसका आकार और बनावट लगभग पृथ्वी के बराबर है, इसलिए इसे 'पृथ्वी की बहन' भी कहा जाता है.
शुक्र का एक चक्कर लगभग 225 पृथ्वी दिनों में पूरा होता है. यह अन्य ग्रहों के विपरीत दिशा में घूमता है. इसका भी कोई चंद्रमा नहीं है.
Key idea: पृथ्वी सूरज से तीसरा ग्रह है और एकमात्र ज्ञात ग्रह है जहां जीवन है, क्योंकि यहां तरल पानी मौजूद है.
सूरज से तीसरा ग्रह है और आंतरिक ग्रहों में सबसे बड़ा है. यह एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां जीवन मौजूद है.
सूरज से पृथ्वी की औसत दूरी को 'खगोलीय इकाई' कहते हैं, जो लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है. यह दूरी 'वासयोग्य क्षेत्र' में आती है, जहां पानी तरल अवस्था में रह सकता है. पृथ्वी को 'नीला ग्रह' भी कहते हैं.
Key idea: मंगल एक लाल, चट्टानी ग्रह है जिसमें पृथ्वी के समान विशेषताएं हैं और जीवन की संभावना है.
सूरज से चौथा ग्रह है. यह लाल रंग का दिखता है, इसलिए इसे 'लाल ग्रह' भी कहते हैं. पृथ्वी की तरह, मंगल भी एक चट्टानी ग्रह है.
इसकी सतह पर चंद्रमा जैसे गड्ढे और पृथ्वी जैसे ज्वालामुखी, घाटियां और रेगिस्तान हैं. सौर मंडल का सबसे ऊंचा पर्वत, ओलंपस मॉन्स, मंगल पर ही है.
मंगल पर जीवन और पानी की संभावना सबसे ज्यादा मानी जाती है, हालांकि पहले की नहरों वाली बातें गलत साबित हुईं. मंगल के घूर्णन और मौसम पृथ्वी के समान हैं.
Key idea: गैसीय ग्रह विशाल होते हैं और मुख्य रूप से गैसों से बने होते हैं, जो सौर मंडल के बाहरी हिस्से में पाए जाते हैं.
गैसीय ग्रह वे हैं जो मुख्य रूप से गैसों से बने होते हैं और बहुत बड़े होते हैं. ये सूरज से दूर होते हैं.
चार गैसीय ग्रह हैं: बृहस्पति, शनि, अरुण (यूरेनस) और वरुण (नेपच्यून). इन्हें 'बाहरी ग्रह' भी कहा जाता है.
Key idea: बृहस्पति सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है, एक विशाल गैस दानव जो प्राचीन काल से ज्ञात है.
सूरज से पांचवां और हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है. यह एक 'गैस दानव' है, जिसका द्रव्यमान अन्य सभी सात ग्रहों के कुल द्रव्यमान का ढाई गुना है.
बृहस्पति को प्राचीन काल से ही जाना जाता रहा है और यह कई संस्कृतियों में महत्वपूर्ण रहा है. यह चंद्रमा और शुक्र के बाद पृथ्वी से दिखने वाला तीसरा सबसे चमकीला पिंड है. इसे 'देवताओं का ग्रह' भी कहा जाता है.
Key idea: शनि अपने अद्भुत छल्लों और कई चंद्रमाओं के लिए प्रसिद्ध दूसरा सबसे बड़ा गैस दानव है.
सूरज से छठा ग्रह है और बृहस्पति के बाद सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है. यह अपने सुंदर छल्लों के लिए जाना जाता है, जो धूल और कणों से बने होते हैं.
शनि के 146 चंद्रमा हैं, जिनमें टाइटन सबसे बड़ा है. शनि भी एक गैस दानव है, जो 75% हाइड्रोजन और 25% हीलियम से बना है. गैलीलियो गैलीली ने 1610 में दूरबीन से इसकी खोज की थी.
Key idea: अरुण तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है, जो मुख्य रूप से गैस से बना है और दूरबीन से खोजा जाने वाला पहला ग्रह था.
(यूरेनस) सूरज से सातवां ग्रह है. यह व्यास के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा और द्रव्यमान के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा ग्रह है. यह पृथ्वी से 14.5 गुना भारी और 63 गुना बड़ा है.
अरुण मुख्य रूप से गैस से बना है, इसलिए यह पृथ्वी की तुलना में कम घना है. इसे 1781 में विलियम हर्शल ने दूरबीन से खोजा था, जो दूरबीन से खोजा जाने वाला पहला ग्रह था. इसके 27 चंद्रमा हैं.
Key idea: वरुण सूरज से सबसे दूर का ग्रह है, जो बहुत बड़ा है और सूरज का एक चक्कर पूरा करने में बहुत लंबा समय लेता है.
(नेपच्यून) सूरज से आठवां और सबसे दूर का ग्रह है. यह व्यास के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा और द्रव्यमान के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है. इसका द्रव्यमान पृथ्वी से 17 गुना अधिक है.
वरुण सूरज से लगभग 30 गुना अधिक दूर है और सूरज का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 165 पृथ्वी वर्ष लगते हैं. इसके 14 चंद्रमा हैं.
Key idea: क्षुद्रग्रह घेरा मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित है, जिसमें हजारों क्षुद्रग्रह और कुछ बौने ग्रह शामिल हैं.
मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच का एक क्षेत्र है. इसमें हजारों लाखों क्षुद्रग्रह सूरज की परिक्रमा करते हैं.
इस घेरे में 'सीरीस' नाम का एक बौना ग्रह भी है, जिसका व्यास 950 किलोमीटर है. यह अपने गुरुत्वाकर्षण के कारण गोल आकार का है. यहां वेस्ता, पैलस और हाइजिया जैसे तीन और बड़े क्षुद्रग्रह भी हैं, जिनका व्यास 400 किलोमीटर से अधिक है.
पूरे क्षुद्रग्रह घेरे का आधे से ज्यादा द्रव्यमान इन्हीं चार वस्तुओं में निहित है. बाकी क्षुद्रग्रहों का आकार अलग अलग होता है, कुछ दसियों किलोमीटर बड़े होते हैं और कुछ धूल के कण जितने छोटे होते हैं.
2008 तक, पांच छोटे पिंडों को बौने ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है: सीरीस (क्षुद्रग्रह घेरे में), और यम (प्लूटो), हउमेया, माकेमाके और एरिस (वरुण से परे).
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मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच क्या पाया जाता है और इसमें कौन सा बौना ग्रह शामिल है?
Why does this matter?
- सौर मंडल को समझने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि हमारा ब्रह्मांड कैसे काम करता है और हम इसमें कहां फिट होते हैं.
- यह हमें पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावनाओं का पता लगाने और अन्य ग्रहों पर भविष्य के मिशनों की योजना बनाने में मदद करता है.
- सौर मंडल का अध्ययन हमें पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन और अन्य पर्यावरणीय चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है, क्योंकि सूरज और अन्य ग्रहों का हमारी पृथ्वी पर प्रभाव पड़ता है.
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1 / 10सौर मंडल के केंद्र में क्या स्थित है?
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- 1सूरज: सौर मंडल का केंद्र
- 2ग्रह: प्रकार और विशेषताएं
- 3अन्य पिंड: चंद्रमा, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु
- 4सौर वायु और हीलियोस्फीयर
- 5सौर मंडल का निर्माण
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